Translate

शनिवार, 3 अक्टूबर 2020

कुछ भूल गये

कुछ भूल गये तो क्या हुआ ।
कुछ छोड़ गये तो क्या हुआ ।।

कुछ शर्तों पे साथ निभाते हैं  ।
कुछ मक़सद से हाथ मिलाते हैं ।।

सबके जखमों को सहना है ।
कुछ भी न किसी से कहना है ।।

धीरे धीरे सब कट जाएगा ।
जीवन का दर्द सिमट जाएगा ।।

तुम अपना धंधा चटकाये रहो ।
लोगों को खुद में भटकाये रहो ।।

वो चलता है चलता जाएगा ।
एक दिन मंजिल भी पाएगा ।।

तुम बोझ बनो या रोग बनो ।
सबको परवाह नहीं होती ।।

पराश्रित हो कर जीने में ।
आसानी से मौत नहीं होती ।।

शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2020

सुरक्षा

अगर किसी के लिए दवा नहीं बन सकते तो उसके लिए रोग भी मत बनो । अगर किसी के काम नहीं आ सकते तो उसके लिए बोझ भी मत बनो ।
लेकिन जहाँ सारी संवेदनाएं मरती जा रही हों लोगों को खुद का एहसास न रह गया हो वहां कोई किसी के सुरक्षा के बारे में क्यों सोंचेगा बल्कि अपनी सुरक्षा स्वयं करनी होगी ।
आत्म निरभरता पैदा करने के लिए दिल को इतना मजबूत तो करना ही पड़ेगा ।

बुधवार, 30 सितंबर 2020

रंगीनीयां

नींद में देखे गये सपने को सच करने की जरूरत नहीं होती क्यों कि वह जितना भी होता है वो अपने आप में कंपलीट होता है । बस एक आश्चर्य में डाल देने वाली याद रहती है । ऐसे सपने में चाहे कितनी भी बड़ी से बड़ी घटनाएं हो जाएं मगर नींद खुलने पर खुद को सही सलामत पाते हैं । खुली आँखों से देखे जाने वाले सपने में चार चीजें शामिल होती हैं जैसे -
1- दिल ।
2- दिमाग ।
3- प्लैनिंग ।
4- खुली आँखों से सपने को सजोना ।
अब यहीं संघर्ष शुरु होता है । हर वक़्त खयालो में डूबे रहना कि कब और कितना जल्दी इसे पूरा कर लिया जाय क्यों कि इस सपने में फिल्म कि तरह सब कुछ दिखता है । यही वजह है कि इस सपने की रंगीनीयां देखने वाले को एक भी पल चैन से रहने नहीं देती ।

मंगलवार, 29 सितंबर 2020

पैसा

इस दुनियां में अनेक प्रकार के लोग हैं ।
किसी को समझना मुश्किल है तो किसी को समझाना मुश्किल है । विचारों से सभी के ताल मेल नहीं बैठते लेकिन पैसे से सभी के ताल मेल बैठ जाते हैं ।

सोमवार, 28 सितंबर 2020

भूख

भूख कई तरह की होती है ।
किसी की भूख मिटाने से पहले यह समझ लें कि उसे किस तरह की भूख है और उसे मिटा पाने में आप सछम हैं या नहीं । कहीं ऐसा न हो कि आप किसी की भूख मिटाने के चक्कर में खुद ही न मिट जाएं ।

रविवार, 27 सितंबर 2020

एक वाक्य

अपशब्दों से भरी हुई । घृणा से भरी हुई । अपमानित के नजरिये से । आप के द्वारा बोला गया एक वाक्य किसी को अर्थविछिप्त , हाईपर टेन्शन , ब्रेन हैमरेज, हाई ब्लडप्रेशर , हर्ट अटैक , विद्रोही , क्रिमिनल , दुश्मन , और आप से हमेशा के लिए दूर भी कर सकती है ।
इस लिए हमेशा बोलते समय अपने वाणी पर संयम और 
लगाम रक्खें ।

बुधवार, 23 सितंबर 2020

सलाहकार

कुछ लोग ऐसे भी हैं जो जिंदगी में बहुत बड़ा बदलाव लेकर आते हैं जिन से जिंदगी एक नया मोड़ लेकर सवर जाती है और कुछ लोग ऐसे भी हैं जो जिंदगी में ऐसी कुंडली मार के बैठ जाते हैं जो अच्छे खासे चलते हुए भाग्य को सही दिशा से उल्टी दिशा में बदल देते हैं और आप को एहसास भी नहीं होता जिससे जिंदगी बर्बाद हो जाती है ।
जब कुछ भी नहीं बचता और उनका मक़सद पुरा हो जाता है तो बड़े ही आसानी से आप की जिंदगी से निकल जाते हैं ।
ऐसे में आप को सोचना है कि सही क्या है और गलत क्या है । यह काम आसान नहीं है मगर परखने का प्रयास जरूर करें किसी पर आंख मूद कर विश्वास करना या कर लेना बहुत बड़ी नादानी होगी ।
आप को किसी सलाहकार की जरुरत नहीं है क्यों कि आप का कोई मंत्रिमंडल नहीं है और न तो कोई बहुत बड़ा बिजनेस की आप सलाहकार पालें , आप के पास भी दिल और दिमाग है । आप अपने दिमाग से सोचे दिल से मनन करें दिल जो कहे उसे करें ।
जिंदगी में सलाह की भी कभी कभी जरुरत पड़ती है । आप जो चाहते हैं उसमें आप से ज्यादा आगे कोई हो और कामयाब भी हो तो आप उनके पास बैठें और उनसे सलाह लें झोला छाप सलाहकार हर कदम पर मिलेंगे उनके चक्कर में कभी न पड़े ।
जिस चीज की सलाह लेना है यदि उस चीज का पारंगत व्यक्ति नहीं है तो घबराने की जरुरत नहीं है क्यों कि आप की योजना युनिक हो सकती है । अगर आप के दिमाग मे उपजी है तो थोड़ा और माइंड लगाएं उसका रास्ता भी उपजेगा क्यों कि जब भी कोई आविष्कार हुआ है तो वो अकेले ही हुआ है किसी सलाहकार ने नहीं किया है ।
हां यह अलग बात है कि कुछ कामों में टीम वर्क हुआ है मगर वह तब हुआ है जब पुरी टीम का लक्ष्य एक रहा है मगर दिमागी उपज तो सिर्फ एक की ही रही है । यानी की टीम के लोगों को भी उसकी आवश्यकता रही है । यहां सलाहकार वही हो सकता है जिसके दिमाग की उपज है ।यानी स्वयं में आप से बड़ा सलाहकार न कोई है और न कोई हो सकता है ।
अतः सतर्क रहें , सचेत रहते हुए अपने काम को अंजाम दे , जो आने वाले दिनों में भले ही किसी के लिए प्रेरणा न बने लेकिन किसी के जीने का सहारा तो जरुर बनेगा ।

मंगलवार, 22 सितंबर 2020

नाराज़

तुम रुठ कर ही क्या करोगे जब तुम्हें कोई मनाने वाला ही नहीं है । रुठा तो तब जाता है जब आप का कोई हो जिसे आप की चिंता हो जो आप के सुख दुःख और भावनाओं को समझता हो ।
ये अलग बात है कि आप अपनी किस्मत से या अपने आप से नाराज होते हों  । ऐसे में किसी की जरुरत नहीं चाहे कोई हो या न हो ऐसे में सिर्फ दो ही लोग होते हैं ।
1- आप की अन्तर आत्मा ।
2- आप का रब ( ईश्वर )
दिल की वेदना सिधे वहाँ तक पहुंचती है मगर शर्त यह है कि दिल साफ और ईमानदारी से भरा होना चाहिए ।

सोमवार, 21 सितंबर 2020

अमीर

कुछ लोग सारी जिंदगी किसी के नहीं हो पाते 
कुछ लोग अजनबी को भी अपना बना लेते हैं ।
कुछ लोगों के पास सब कुछ होते हुए भी कुछ नहीं होता 
और कुछ लोगों के पास कुछ भी न होकर सब कुछ होता है क्यों कि ऐसे लोग दिल और दिमाग के बहुत अमीर होते हैं ।

रविवार, 20 सितंबर 2020

सपने

तुम्हारी हर चीज कैद की जा सकती है मगर तुम्हारी सोचो को इस दुनियां में कोई भी कैद नहीं कर सकता ।

अपने लिए सपने सभी संजोते हैं लेकिन 95% लोगों की पुरी जिंदगी कट जाती है लेकिन उनके सपने पूरे नहीं होते ।

1% ऐसे लोग हैं जिन्हें सपने देखने की जरुरत नहीं पडती क्यों कि उन्हें पैदा होने से पहले ही उनकी सोंचो से ज्यादा सब कुछ पहले ही बन चुका होता है ।

 1% ऐसे लोग हैं जिनके सपने में उनके अपनों का साथ होता है और ईश्वरीय सहायता भी प्राप्त होती है ।

1% ऐसे लोग हैं जिन्होंने धोखे से सब कुछ हासिल किये हुए होते हैं ।

2% ऐसे लोग हैं जो अपने सपने पूरे तो कर लेते हैं मगर         उसका सुख  और आनंद उनके किस्मत में नहीं होता मंजिल मिलते ही दुनियां छोड़ना पड़ता है ।

टोटल 5% लोग हुए जिनकी गिन्ती सफल व्यक्तियों में होती है बाकी के लोगों के सपने किसी के समझ में नहीं आते या लोग समझना नहीं चाहते या उसके ऊंचे खयालात और सोंचो से लोग मन ही मन जलन रखने लगते हैं ।
इस लिए साथ और सहयोग देने के बजाय हर मोड़ पर टांग खींचने के लिए अपनी पुरी उर्जा लगा देते हैं उन्हें इस बात की परवाह नहीं होती कि हर रहस्य का पर्दा एक दिन खुलता है ।
जीने के लिए किसी न किसी प्रकार के सपने का होना जरुरी है कम से कम इसी के रंगीन खयालों में लोग अपने ज़िन्दगी को आराम से या उसके आस पर काटते तो रहते हैं वरना बे मक़सद या बे वजह जिंदगी को काटना आसान नहीं बल्कि बे हद मुश्किल है ।
जो है उसे अपनाओ , जितना है उतने में अपने आप को संतुष्ट करना सीखो , इस बात को मानते हुए कि जो तुम्हारा है वो तुम्हारा ही रहेगा उससे कोई भी तुम्हें वंचित ( दुर ) नहीं कर सकता और जो तुम्हारा नहीं है वो सारी जिंदगी तुम्हारा नहीं होगा चाहे तुम कुछ भी कर ढालो ।