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गुरुवार, 29 जनवरी 2026

मेरा विचार

1 - जो साथ रहकर भी साथ न दे ,
     उससे दूर रहना ही बेहतर है ।

    हर किसी को खोने के बाद समझ आया ,
    कि सबसे ज़रूरी था खुद को संभालना ।
                   
 
2 - हमने जिस वक्त को दिल से चाहा ,
      मगर वो वक्त अभी तक नहीं आया ।

      दिल ने कहा थोड़ा और सब्र तो रख ,
      दिमाग ने कहा अब बहुत हो गया ।
                      
3 - हमने किसी को छोड़ना नहीं सीखा था ,
      इस लिए हम तो बार - बार टूटते रहे ।

      अब समझा कि कुछ रिश्ते किताबों 
       जैसे होते हैं, जो सिर्फ पढ़े जाते हैं… 
       उन्हें कभी समझे नहीं जाते ।
                   
4 - हम शिकायत भी किससे करने जाएं ,
      जब सारी वजह अपने ही लोगों के थे ।
       हम थक गए समझाते- संभालते ,
       अब तो बस खामोशी ही पसंद है ।
                
5 - कभी जो हमारी दुनिया थे ,
      आज बस यादों का हिस्सा हैं ।
      वक्त ने छीन लिया बहुत कुछ ,
      पर खुद से मिलना सिखा दिया ।
                    जावेद गोरखपुरी✍️ 
         

शुक्रवार, 23 जनवरी 2026

जिंदगी की कड़वी सच्चाईयां

1 - दुःख की घड़ी और समस्याओं में ,
     लोग अक्सर वक्त को दोष देते हैं ।  
     लेकिन असल में देखा जाय तो 
     फैसला खुद का ही होता है ।  
                        
2 - खामोशी खुद की कमजोरी नहीं होती , 
      बल्कि खुद से किसी निर्णय के लिए 
      कई बार यही ख़ामोशी सबसे बड़ी 
      ताक़त बन जाती है ।
                           
3 - ज़िंदगी में गिरना गलत नहीं है ,  
      लेकिन गलत तब हो जाता है ।
      जब गिर कर उठना ही छोड़ दो ,
      और हर किसी को अपने गिरने का 
      दोषी ठहराते फिरो ।
                          
4 - जिंदगी में हर इंसान के पास मौका आता है ।
      बस फर्क सिर्फ़ इतना होता है , कि कोई उसे 
      पहचान जाता है और कोई उसे गंवा देता है ।  
                                    
5 - नेकियां (पुन्यकार्य ) हमेशा दिखती नहीं हैं । 
     लेकिन उसका असर कभी न कभी किसी न 
     किसी वक्त और मोड़ पर ज़रुर दिखाई देती है ।  
                                      
6 - दूसरों से आगे निकलने की ज़रुरत नहीं है ।
      बल्कि खुद को बेहतर बनाने की जरुरत है ।

      जब हालात इंसान को तोड़ते हैं 
      तभी अपने और परायों की 
      पहचान हो पाती है ।
                            
7 - ज़िंदगी शोर नहीं मांगती है ।
      जिंदगी सही दिशा मांगती है।  
                                ✍️ जावेद गोरखपुर 

मंगलवार, 20 जनवरी 2026

मोटीवेशनल कोट्स Motivationals coats.

कुछ मोटीवेशनल कोट्स जो आप को अंदर से 
प्रेरित भी करेंगे और आप को नयी दिशा प्रदान 
करेंगे , आप चाहें तो इन्हें अपनी यादों में रख भी 
रख सकते हैं । आप अपना सुझाव मुझे जरुर दें 
आप के सुझाव से मुझे भी प्रेरणा मिलती है ।

1 - खुद पर भरोसा करने की आदत रखो ,
     भीड़ तो हर अमीर के साथ चल लेती है ।
                          " #जावेद#गोरखपुरी "

2 - दूसरों को हरा कर उनसे आगे निकल 
      जाना ही कोई बहुत बड़ी बात नहीं है ।

     सबसे बड़ी बात है , खुद की कमजोरियों 
     को हरा कर , अपनी कमजोरियों से आगे 
    निकल जाने को ही , असली जीत कहते हैं ।
                            " #जावेद #गोरखपुरी "

3 - आज अगर थक गए हो , तो याद रखना , 
      अपनी हार , कभी मत मानना , वर्ना एक 
      दिन इस थकान से भी भारी पड़ सकता है ।
                              " #जावेद #गोरखपुरी "

4 - जब तुम्हारे दिल और दिमाग से ,
      डर नाम का वहम निकल जाएगा ।
      तब तुम्हारे सफलता का रास्ता ,
      खुलना शुरु हो जाएगा ।
                        " जावेद गोरखपुरी "

5 - हर दिन अपने आप को बेहतर बनाओ ।
      अपनी तुलना कभी किसी दूसरे से नहीं , 
      बल्कि खुद अपने आप से होनी चाहिए ।
                          " #जावेद #गोरखपुरी "

शुक्रवार, 16 जनवरी 2026

जिंदगी में काम आने वाले महत्वपूर्ण कोट्स

हर इंसान के जीवन में बहुत सारे उतार , चढ़ाव 
आते , जाते रहते हैं । मैं आप को कुछ ऐसे कड़वे 
अनुभव को शेयर कर रहा हूं जो आप को एक 
अच्छी सीख दे सकते हैं । अगर आप को अच्छा 
लगे तो मुझे कमेंट जरुर करिएगा ।
ऐसे ही विचारात्मक लेख एवं कोट्स के लिए आप 
मुझे फालो भी कर सकते हैं ।

1 - “टूट कर भी जो चल रहा है ,
      असल में वही यहां ज़िंदा है ।”
            " #जावेद #गोरखपुरी "

2 - “ जब तुम्हारे अपने ही 
       तुम्हे समझना छोड़ देंगे ,

       तब तुम खुद पर भरोसा 
       करना सीख जाओगे ।”
             " जावेद गोरखपुरी "

3 - “वक्त ने इतना सिखा दिया है , कि 
        अब हालात से डर नहीं लगता ।”
                         " जावेद गोरखपुरी "

4 - आज दर्द है तो क्या हुआ ,
      कल यही दर्द ताकत बनेगी ।
      और लोग पत्थर दिल कहेंगे ।
                 " जावेद गोरखपुरी "

5 - जिसने अकेले चलना सीख लिया है ।
      उसे फिर किसी के सहारे की ज़रूरत 
       कभी नहीं पड़ती है ।
                              " जावेद गोरखपुरी "