Translate

गुरुवार, 29 जनवरी 2026

मेरा विचार

1 - जो साथ रहकर भी साथ न दे ,
     उससे दूर रहना ही बेहतर है ।

    हर किसी को खोने के बाद समझ आया ,
    कि सबसे ज़रूरी था खुद को संभालना ।
                   
 
2 - हमने जिस वक्त को दिल से चाहा ,
      मगर वो वक्त अभी तक नहीं आया ।

      दिल ने कहा थोड़ा और सब्र तो रख ,
      दिमाग ने कहा अब बहुत हो गया ।
                      
3 - हमने किसी को छोड़ना नहीं सीखा था ,
      इस लिए हम तो बार - बार टूटते रहे ।

      अब समझा कि कुछ रिश्ते किताबों 
       जैसे होते हैं, जो सिर्फ पढ़े जाते हैं… 
       उन्हें कभी समझे नहीं जाते ।
                   
4 - हम शिकायत भी किससे करने जाएं ,
      जब सारी वजह अपने ही लोगों के थे ।
       हम थक गए समझाते- संभालते ,
       अब तो बस खामोशी ही पसंद है ।
                
5 - कभी जो हमारी दुनिया थे ,
      आज बस यादों का हिस्सा हैं ।
      वक्त ने छीन लिया बहुत कुछ ,
      पर खुद से मिलना सिखा दिया ।
                    जावेद गोरखपुरी✍️ 
         

कोई टिप्पणी नहीं: