उससे दूर रहना ही बेहतर है ।
हर किसी को खोने के बाद समझ आया ,
कि सबसे ज़रूरी था खुद को संभालना ।
2 - हमने जिस वक्त को दिल से चाहा ,
मगर वो वक्त अभी तक नहीं आया ।
दिल ने कहा थोड़ा और सब्र तो रख ,
दिमाग ने कहा अब बहुत हो गया ।
3 - हमने किसी को छोड़ना नहीं सीखा था ,
इस लिए हम तो बार - बार टूटते रहे ।
अब समझा कि कुछ रिश्ते किताबों
जैसे होते हैं, जो सिर्फ पढ़े जाते हैं…
उन्हें कभी समझे नहीं जाते ।
4 - हम शिकायत भी किससे करने जाएं ,
जब सारी वजह अपने ही लोगों के थे ।
हम थक गए समझाते- संभालते ,
अब तो बस खामोशी ही पसंद है ।
5 - कभी जो हमारी दुनिया थे ,
आज बस यादों का हिस्सा हैं ।
वक्त ने छीन लिया बहुत कुछ ,
पर खुद से मिलना सिखा दिया ।
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