लोग अक्सर वक्त को दोष देते हैं ।
लेकिन असल में देखा जाय तो
फैसला खुद का ही होता है ।
2 - खामोशी खुद की कमजोरी नहीं होती ,
बल्कि खुद से किसी निर्णय के लिए
कई बार यही ख़ामोशी सबसे बड़ी
ताक़त बन जाती है ।
3 - ज़िंदगी में गिरना गलत नहीं है ,
लेकिन गलत तब हो जाता है ।
जब गिर कर उठना ही छोड़ दो ,
और हर किसी को अपने गिरने का
दोषी ठहराते फिरो ।
4 - जिंदगी में हर इंसान के पास मौका आता है ।
बस फर्क सिर्फ़ इतना होता है , कि कोई उसे
पहचान जाता है और कोई उसे गंवा देता है ।
5 - नेकियां (पुन्यकार्य ) हमेशा दिखती नहीं हैं ।
लेकिन उसका असर कभी न कभी किसी न
किसी वक्त और मोड़ पर ज़रुर दिखाई देती है ।
6 - दूसरों से आगे निकलने की ज़रुरत नहीं है ।
बल्कि खुद को बेहतर बनाने की जरुरत है ।
जब हालात इंसान को तोड़ते हैं
तभी अपने और परायों की
पहचान हो पाती है ।
7 - ज़िंदगी शोर नहीं मांगती है ।
जिंदगी सही दिशा मांगती है।
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