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रविवार, 5 अक्टूबर 2025

रिश्ते तोड़ दिए जाते हैं ।

रिश्ते खुद नहीं टूटते... । 
रिश्ते तोड़ दिए जाते हैं । 
वक्त और हालात के मुताबिक ।

रिश्ते खुद नहीं बनते... । 
रिश्ते बना लिए जाते हैं ।
वक्त और हालात के मुताबिक ।

वक्त किसी के बाप की ,
एकलौती जागीर नहीं है ।
वक्त चंद मिन्टों में..... , 
सब कुछ बदल कर 
रख देता है ।

तुम अपनी जिंदगी भर में ।
अपने बाथरूम के झरने में ।
जितना नहा कर भीगे होगे.. । 
तुम अपनी जिंदगी भर में ,
जितना बारिशों में भीगे होगे ।

उससे ज्यादा मैं..... , 
अपने कर्मों और अपने 
अनुभवों के पसीने से 
भीग चुका हूं ।
                 " जावेद गोरखपुरी "

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